वर्टेब्रल कम्प्रेशन फ्रैक्चर: जब ब्रेसिंग और प्रारंभिक दर्द निवारक दवाओं से पीठ दर्द में राहत नहीं मिली हो

यह प्रोटोकॉल उन वयस्कों पर लागू होता है जिन्हें तीव्र ऑस्टियोपोरोटिक वर्टेब्रल कम्प्रेशन फ्रैक्चर है और जिन्होंने पहले से ही एक संरचित प्रथम-पंक्ति दृष्टिकोण अपनाया है — जिसमें ब्रेसिंग और औषधीय दर्द प्रबंधन शामिल है — लेकिन वर्टेब्रल पीठ दर्द से पर्याप्त राहत नहीं मिली है।

पिछला उपचार — अपर्याप्त प्रतिक्रिया

तीव्र ऑस्टियोपोरोटिक वर्टेब्रल कम्प्रेशन फ्रैक्चर के प्रबंधन की पहली पंक्ति में कैल्सीटोनिन, टेरिपेराटाइड या बिसफॉस्फोनेट्स के साथ ब्रेसिंग शामिल है, जिसका लक्ष्य वर्टेब्रल पीठ दर्द से राहत दिलाना है। जब वह लक्ष्य प्राप्त नहीं होता — जब प्रारंभिक दृष्टिकोण के बावजूद दर्द बना रहता है — तो एक संरचित अगला कदम उठाना आवश्यक है।

अगले चरण का उपचार दृष्टिकोण

इस प्रोटोकॉल में एक वर्टेब्रल ऑगमेंटेशन प्रक्रिया शामिल है। विशिष्ट तकनीक और इसके नैदानिक निर्णय मार्ग का विवरण पूर्ण प्रोटोकॉल में दिया गया है।

लक्ष्य वर्टेब्रल पीठ दर्द और रीढ़ की हड्डी के कार्य में त्वरित और स्थायी सुधार।
संरचित साक्ष्य-आधारित नियमों तक तत्काल पहुंच

References

Vertebral augmentation is recommended as it provides rapid and sustained clinically and statistically significant improvement in pain and function in adults with acute osteoporotic vertebral compression fractures.

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