18 वर्ष से कम आयु के बच्चों में वैसोमोटर राइनाइटिस: जब प्रारंभिक इंट्रानेज़ल उपचार से लक्षण नियंत्रण नहीं हो पाया हो
नैदानिक परिदृश्य
यह प्रोटोकॉल बाल रोगियों — 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों — में वैसोमोटर राइनाइटिस को संबोधित करता है, जहाँ प्रारंभिक इंट्रानेज़ल फार्माकोथेरेपी से पर्याप्त राहत नहीं मिल पाई है। इस आयु वर्ग में, कोई भी दवा शुरू करने से पहले निवारक और गैर-औषधीय उपाय पहले चरण के रूप में पसंद किए जाते हैं।
पूर्व उपचार — अपर्याप्त प्रतिक्रिया
पूर्व उपचार में इंट्रानेज़ल टोपिकल एंटीकोलिनर्जिक इप्राट्रोपियम (Atrovent), इंट्रानेज़ल नेज़ल कॉर्टिकोस्टेरॉइड मोमेटासोन फ्यूरोएट (Nasonex), या इंट्रानेज़ल क्रोमोलिन सोडियम (Intal) शामिल हो सकते हैं। जब इन दवाओं से राइनोरिया में सार्थक कमी, कंजेशन और नाक की रुकावट से पर्याप्त राहत, या छींकने में कमी नहीं हुई हो, तो प्रोटोकॉल का अगला चरण उचित है।
अगला चरण — आंशिक अवलोकन
जब पूर्व इंट्रानेज़ल दवाओं से लक्षण लक्ष्य प्राप्त नहीं हो पाए हों, तो ध्यानपूर्वक चुने गए मौखिक या टोपिकल दवा वर्ग का एक विवेकपूर्ण, समय-सीमित परीक्षण विचार किया जा सकता है — बाल चिकित्सा संदर्भ में विशेष सावधानी के साथ। पूर्ण प्रोटोकॉल निर्दिष्ट करता है कि कौन से विकल्प लागू होते हैं, उनके उपयोग की शर्तें, और प्रासंगिक निगरानी संबंधी विचार।
References
- Preventive and nonpharmacologic approaches should be tried before beginning medication in children.
- If a therapeutic trial of one of these agents is attempted because of treatment failures with recommended agents, judicious and time-limited use should be considered.
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