पेरिलिम्फ फिस्टुला (PLF) के संदर्भ में होने वाला टाइम्पेनिक मेम्ब्रेन छिद्र एक विशिष्ट नैदानिक स्थिति है जिसके लिए अकेले जटिलता-रहित छिद्र की तुलना में अधिक गहन प्रबंधन मार्ग की आवश्यकता होती है।
यह प्रोटोकॉल तब लागू होता है जब कोई रोगी टाइम्पेनिक मेम्ब्रेन छिद्र के साथ प्रस्तुत होता है और एक समवर्ती पेरिलिम्फ फिस्टुला की पहचान की गई हो या उसका दृढ़ता से संदेह हो। इस संदर्भ में PLF की उपस्थिति देखभाल के उचित स्तर और आवश्यक हस्तक्षेपों की श्रेणी को सीधे प्रभावित करती है।
इस परिदृश्य में रोगी को अस्पताल में भर्ती करना आवश्यक है। प्रबंधन में फिस्टुला को लक्षित करने वाला शल्य चिकित्सा दृष्टिकोण शामिल हो सकता है — पूर्ण प्रोटोकॉल में सटीक संकेत, निर्णय बिंदु और प्रक्रियात्मक विकल्प निर्दिष्ट हैं जो नैदानिक कार्रवाई का मार्गदर्शन करते हैं।
In case of PLF, patient should be admitted for management, which may include exploratory tympanotomy and fistula repair.
View source ↗