यह प्रोटोकॉल फैलॉट की टेट्रालॉजी वाले उन रोगियों पर लागू होता है जिनमें अवशिष्ट वेंट्रिकुलर सेप्टल दोष (VSD) के साथ महत्वपूर्ण बाएं वेंट्रिकुलर वॉल्यूम ओवरलोड है, या जो उसी परिस्थिति में पल्मोनरी वाल्व सर्जरी से गुजर रहे हैं।
अवशिष्ट VSD और हेमोडायनामिक रूप से महत्वपूर्ण बाएं वेंट्रिकुलर वॉल्यूम ओवरलोड का संयोजन — या पल्मोनरी वाल्व हस्तक्षेप की समवर्ती आवश्यकता — मरम्मत के बाद के फैलॉट की टेट्रालॉजी रोगियों के एक विशिष्ट उपसमूह की पहचान करता है जिनके लिए आगे के संरचनात्मक प्रबंधन पर विचार करना उचित है।
इस परिदृश्य में प्रबंधन में सेप्टल दोष के लिए निर्देशित एक शल्य चिकित्सा दृष्टिकोण शामिल है। संपूर्ण संरचित नियम — हस्तक्षेप की सीमाएं, प्रक्रियागत विवरण और अनुवर्ती मानदंड सहित — पूर्ण प्रोटोकॉल में उपलब्ध है।
DOI: 10.1093/eurheartj/ehaa554
VSD closure should be considered in patients with residual VSD and significant LV volume overload or if the patient is undergoing pulmonary valve surgery.
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