प्रारंभिक डिफ्यूज कटेनियस सिस्टेमिक स्क्लेरोसिस के खराब पूर्वानुमान का उपचार
प्रारंभिक डिफ्यूज कटेनियस सिस्टेमिक स्क्लेरोसिस (dcSSc) के चुनिंदा रोगी जिनमें खराब पूर्वानुमान के लक्षण हैं — और जिनमें उन्नत कार्डियोरेस्पिरेटरी संलिप्तता अनुपस्थित है — एक विशिष्ट नैदानिक जनसमूह का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिनके लिए एक विशेष उपचार प्रोटोकॉल लागू होता है।
नैदानिक परिदृश्य
लक्षित जनसमूह प्रारंभिक dcSSc और खराब पूर्वानुमान वाले रोगी हैं। उन्नत कार्डियोरेस्पिरेटरी संलिप्तता की अनुपस्थिति एक निर्धारक पात्रता मानदंड है: यह योग्यता रोगी चयन और अपनाए जाने वाले दृष्टिकोण की तीव्रता दोनों को आकार देती है।
उपचार दृष्टिकोण
यह प्रोटोकॉल उपचार की नींव के रूप में उच्च-तीव्रता इम्यूनोसप्रेशन का उपयोग करता है — संपूर्ण नियम, बाद के चरणों और पूर्ण रोगी-चयन मानदंडों सहित, संरचित प्रोटोकॉल में उपलब्ध है।
नैदानिक लक्ष्य
उपचार सफलता का प्राथमिक माप 72 महीनों में इवेंट-फ्री सर्वाइवल है।
References
DOI: 10.1136/ard-2024-226430
High-intensity immunosuppression (usually including cyclophosphamide) followed by autologous HSCT may be considered for the treatment of selected patients with early dcSSc and poor prognosis, in the absence of advanced cardiorespiratory involvement.
The event-free survival analysis showed accordingly, that 74% of patients in the transplant arm remained event free at month 72 vs 47% of patients in the cyclophosphamide arm.
View source ↗