मध्य या निकटस्थ वाहिनी या हिलर क्षेत्र में स्टोन के साथ पैरोटिड ग्रंथि की सियालोलिथियासिस में सब्लिंगुअल ग्रंथि की सियालोलिथियासिस का उपचार
यह प्रोटोकॉल सब्लिंगुअल ग्रंथि की सियालोलिथियासिस के प्रबंधन को उस विशिष्ट नैदानिक संदर्भ में कवर करता है जिसमें पैरोटिड ग्रंथि की सहवर्ती सियालोलिथियासिस होती है और कैलकुलस मध्य या निकटस्थ वाहिनी या हिलर क्षेत्र में स्थित होता है।
नैदानिक परिदृश्य
परिभाषित स्थिति है पैरोटिड ग्रंथि की सियालोलिथियासिस जिसमें स्टोन मध्य या निकटस्थ वाहिनी में अथवा हिलर क्षेत्र में स्थित है — एक ऐसी स्टोन स्थिति जो सीधे हस्तक्षेप के चयन को प्रभावित करती है।
उपचार दृष्टिकोण
इस संदर्भ में कुछ आकार और गतिशीलता मानदंडों को पूरा करने वाले स्टोन के लिए, न्यूनतम आक्रामक एंडोस्कोपिक और इंट्रालुमिनल हस्तक्षेप दृष्टिकोण विचार किए जाने वाले विकल्पों में शामिल हैं।
References
DOI: 10.3390/jcm11010231
Stones in the Middle or Proximal Duct and Hilar Region
Small, mobile stones (≤3–5 mm) are primarily an indication for intSE or ISWL, independently of their size or impaction.
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