अंतर्निहित फेफड़े की बीमारी के संदर्भ में उत्पन्न होने वाले पल्मोनरी हाइपरटेंशन (PH) के लिए एक संरचित नैदानिक दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है जो बढ़े हुए पल्मोनरी दबाव और फेफड़े की मूल विकृति दोनों को संबोधित करता है। इस परिदृश्य के लिए साक्ष्य-आधारित प्रोटोकॉल परिभाषित और अनुक्रमित है — इसके प्रमुख तत्व नीचे रेखांकित किए गए हैं।
प्राथमिक रणनीति अंतर्निहित फेफड़े की बीमारी के प्रबंधन को अनुकूलित करने पर केंद्रित है, साथ ही जहाँ संकेत मिले वहाँ विशिष्ट योगदान देने वाले शारीरिक कारकों के लिए लक्षित हस्तक्षेप पर भी। उचित रोगियों के लिए फेफड़े के प्रत्यारोपण मूल्यांकन की पात्रता भी इस मार्ग का हिस्सा है। इस समूह में कुछ पल्मोनरी-धमनी-हाइपरटेंशन-विशिष्ट दवाओं के उपयोग पर महत्वपूर्ण साक्ष्य-आधारित प्रतिबंध हैं — पूर्ण मानदंड और अनुक्रमण प्रोटोकॉल में दिए गए हैं।
DOI: 10.1093/eurheartj/ehac237