एक्यूट रेटिनल पिग्मेंट एपिथेलाइटिस (क्रिल रोग) में पोस्टीरियर यूवाइटिस
एक्यूट रेटिनल पिग्मेंट एपिथेलाइटिस, जिसे क्रिल रोग के नाम से भी जाना जाता है,
पोस्टीरियर यूवाइटिस के अंतर्गत एक विशिष्ट नैदानिक परिदृश्य प्रस्तुत करता है। सही
निदान तक पहुँचने के लिए उन अन्य पोस्टीरियर सेगमेंट स्थितियों से सावधानीपूर्वक
विभेदन आवश्यक है जो समान रूप से प्रकट हो सकती हैं।
नैदानिक परिदृश्य
एक्यूट रेटिनल पिग्मेंट एपिथेलाइटिस (क्रिल रोग) की स्थिति में पोस्टीरियर यूवाइटिस
के लिए एक लक्षित निदान दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है। फ्लोरेसीन फंडस एंजियोग्राफी
(FFA) जाँच के केंद्र में है — विशेष रूप से सेंट्रल सीरस रेटिनोपैथी (CSR) को बाहर
करने के लिए, जो इस प्रस्तुति की नकल कर सकती है। एक बार जब FFA निदान को स्पष्ट कर
देती है, तो प्रबंधन दिशा सीधे उस निष्कर्ष से तय होती है।
प्रबंधन दृष्टिकोण
पुष्टिकृत एक्यूट रेटिनल पिग्मेंट एपिथेलाइटिस में जहाँ FFA ने CSR को बाहर कर दिया
है, साक्ष्य संकेत देते हैं कि किसी विशिष्ट उपचार की आवश्यकता नहीं है। पूर्ण
संरचित प्रोटोकॉल इस परिदृश्य के लिए संपूर्ण साक्ष्य-आधारित ढाँचा प्रदान करता है।
References
DOI: 10.4103/0301-4738.58470
FFA rules out CSR and no treatment is needed.
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