पॉप्लिटियल आर्टरी एंट्रैपमेंट सिंड्रोम
ICD-10 I77.8 · ICD-11 BD53.3

न्यूनतम धमनी क्षति तथा कोई रुकावट या संकुचन न होने की स्थिति में पॉप्लिटियल आर्टरी एंट्रैपमेंट सिंड्रोम

यह प्रोटोकॉल पॉप्लिटियल आर्टरी एंट्रैपमेंट सिंड्रोम (PAES) की उस विशेष स्थिति को संबोधित करता है जिसमें धमनी क्षति न्यूनतम होती है और पॉप्लिटियल धमनी में कोई रुकावट या संकुचन नहीं होता। इस प्रस्तुति में, धमनी खुली रहती है किंतु असामान्य मांसपेशी-कंडरा संरचनाओं द्वारा बाहरी दबाव के अधीन होती है।

जब धमनी क्षति न्यूनतम होती है, तो शल्य-चिकित्सा रणनीति धमनी पुनर्निर्माण के बजाय दबाव डालने वाली मांसपेशी-कंडरा संरचना को मुक्त करने — एक केंद्रित विसंपीड़न प्रक्रिया — पर केंद्रित होती है। संपूर्ण तकनीक, जिसमें दृष्टिकोण, उच्छेदन की सीमा और निर्णय मानदंड शामिल हैं, पूर्ण प्रोटोकॉल में विस्तृत रूप से वर्णित है।

प्राथमिक लक्ष्य: लक्षणों से मुक्ति।

References

DOI: 10.3400/avd.oa.13-00081
  • If the arterial damage is minimal, myotomy of the MHGM or any abnormal musculotendinous slips may suffice.
  • The total resection of the abnormal musculotendinous slips might be more effective to be free from the compression.
  • The primary objective of surgical treatment for PAES is to free the patient from symptoms.
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