पॉलीसिस्टिक लिवर रोग से पीड़ित रोगियों में, हेपेटिक सिस्ट रक्तस्राव का एक तीव्र एपिसोड एक विशिष्ट नैदानिक स्थिति को परिभाषित करता है जिसके लिए एक सावधानीपूर्ण, चरणबद्ध प्रबंधन दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है — तीव्र चरण के दौरान और उसके बाद के हफ्तों में भी।
यह प्रोटोकॉल तीव्र हेपेटिक सिस्ट रक्तस्राव के एक एपिसोड से जटिल पॉलीसिस्टिक लिवर रोग को कवर करता है। तीव्र घटना के दौरान, दर्द नियंत्रण प्राथमिक चिकित्सीय केंद्र बिंदु है। एंटीकोगुलेंट थेरेपी पर रोगियों को छोड़कर, आम तौर पर अस्पताल में भर्ती या रक्ताधान का कोई संकेत नहीं होता है।
जब दर्द तीव्र एपिसोड से परे बना रहता है, तो प्रभावित सिस्ट पर निर्देशित एक लक्षित प्रक्रियात्मक हस्तक्षेप एक विकल्प बन जाता है — लेकिन केवल तब जब रक्तस्राव के समय से एक निर्धारित प्रतीक्षा अवधि बीत चुकी हो। विशिष्ट प्रक्रिया, इसका औचित्य, और आवश्यक अंतराल संरचित प्रोटोकॉल में पूरी तरह से निर्धारित हैं।
DOI: 10.1016/j.jviscsurg.2018.07.004
For an episode of acute bleeding, analgesics are the only treatment advocated because, apart from patients on anticoagulants, there is no indication for hospitalization or transfusion.
For persistence of chronic pain distant from the acute episode, one can propose a puncture alcoholization.
In practice, this procedure is carried out three months after the bleeding episode to avoid the theoretical passage of alcohol into the blood stream that might occur in the case of recent hemorrhage.
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