पेरिओरल डर्मेटाइटिस जो जीरो थेरेपी के बाद भी बनी रहती है: आगे क्या करें
पेरिओरल डर्मेटाइटिस के प्रबंधन में पहला कदम सभी संदिग्ध टॉपिकल उत्पादों और कॉस्मेटिक्स को बंद करना है। जब यह दृष्टिकोण त्वचा को साफ करने में विफल रहता है, तो संरचित अगली-पंक्ति उपचार की आवश्यकता होती है।
प्रबंधन की प्रारंभिक पंक्ति जीरो (नल) थेरेपी है: सभी टॉपिकल उत्पादों — कॉस्मेटिक्स, साबुन, डिटर्जेंट, मॉइस्चराइजर, अब्रेसिव, एस्ट्रिंजेंट, दिन/रात की क्रीम और स्किन कंडीशनर — का पूर्ण बंद करना, जिसमें रोगी केवल हल्के पानी से धुलाई करे। स्थानीय तटस्थ तैयारियाँ (जैसे कैमोमाइल कंप्रेस, फिजियोलॉजिक सॉल्यूशन) उपयोग की जा सकती हैं, और किसी भी टॉपिकल कॉर्टिकोस्टेरॉइड को धीरे-धीरे कम किया जाता है।
जीरो थेरेपी का लक्ष्य: बाह्य कारकों को हटाने पर सभी लक्षणों का क्रमिक अदृश्य होना और चेहरे की त्वचा का पूर्ण स्वच्छ होना।
जब यह लक्ष्य प्राप्त नहीं होता, तो अगले प्रोटोकॉल चरण पर आगे बढ़ना उचित है।
DOI: 10.1016/j.clindermatol.2013.05.034
Topical treatment of PD includes antibiotics such as metronidazole and erythromycin, and antiacne drugs such as adapalene and azelaic acid have been used in noncontrolled studies.
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