ओटोस्क्लेरोसिस का चिकित्सा उपचार: श्रवण स्थिरीकरण और टिनिटस से राहत

ओटोस्क्लेरोसिस अस्थि चयापचय में व्यवधान के माध्यम से कान को प्रभावित करता है, जिसमें स्टेपीडियल फिक्सेशन और कुछ मामलों में कॉक्लिया शामिल है। चिकित्सा प्रबंधन इस प्रक्रिया को लक्षित करता है ताकि सेंसरीन्यूरल श्रवण घटक को संरक्षित किया जा सके और टिनिटस तथा चक्कर सहित संबंधित लक्षणों से राहत मिले।

नैदानिक स्थिति

यह प्रोटोकॉल स्टेपीडियल फिक्सेशन और/या कॉक्लियर संलग्नता के साथ प्रस्तुत ओटोस्क्लेरोसिस पर लागू होता है। मामले एंजाइमेटिक रूप से कम सक्रिय स्टेपीडियल रोग से लेकर सक्रिय कॉक्लियर घटक वाले मामलों तक होते हैं — जिनमें प्रगतिशील कॉक्लियर संलग्नता और शुद्ध कॉक्लियर ओटोस्पोंजियोसिस शामिल है — प्रत्येक को एक विभेदित चिकित्सा दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है।

उपचार दृष्टिकोण

चिकित्सा प्रबंधन अस्थि चयापचय के अवरोधकों पर केंद्रित है — या तो सोडियम फ्लोराइड या बिस्फोस्फोनेट। उचित एजेंट और उपचार पाठ्यक्रम की संरचना ओटोस्क्लेरोटिक प्रक्रिया की सीमा और गतिविधि द्वारा निर्देशित होती है। पूर्ण एजेंट चयन, खुराक और उपचार अवधि पूर्ण प्रोटोकॉल में निर्दिष्ट हैं।

नैदानिक लक्ष्य

संरचित साक्ष्य-आधारित नियमों तक तत्काल पहुँच

References

DOI: 10.1016/j.otc.2017.11.006

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