मिनिमल चेंज डिजीज: ग्लुकोकॉर्टिकॉइड के प्रतिनिषेध होने पर उपचार
मिनिमल चेंज डिजीज की मानक प्रथम-पंक्ति प्रबंधन ग्लुकोकॉर्टिकॉइड चिकित्सा पर केंद्रित है। जब किसी रोगी को इन एजेंटों के प्रति पूर्ण या आपेक्षिक प्रतिनिषेध हो, तो एक वैकल्पिक प्रथम-पंक्ति रणनीति की आवश्यकता होती है।
नैदानिक परिदृश्य
ग्लुकोकॉर्टिकॉइड के प्रति पूर्ण या आपेक्षिक प्रतिनिषेध वाले रोगी में मिनिमल चेंज डिजीज — ऐसी परिस्थितियाँ जिनमें मानक स्टेरॉयड-आधारित प्रेरण सुरक्षित रूप से आगे नहीं बढ़ सकती और प्रारंभ से ही स्टेरॉयड-बचत दृष्टिकोण चुनना आवश्यक है।
उपचार दृष्टिकोण (अवलोकन)
प्रारंभिक प्रबंधन में एक वैकल्पिक प्रतिरक्षादमनकारी एजेंट शामिल है। कैल्सीनुरिन इनहिबिटर इस स्थिति में विचार किए जाने वाले विकल्पों में से एक हैं — एजेंटों का पूर्ण चयन और नैदानिक निर्णय ढाँचा पूर्ण संरचित प्रोटोकॉल में शामिल है।
References
DOI: 10.1016/j.kint.2021.05.021
- For patients in whom glucocorticoids may be relatively contraindicated, consider initial therapy with cyclophosphamide, a CNI, or MMF.
- In patients with absolute or relative contraindication to steroids, we agree alternative immunosuppressive agents such as CNI, Cyclophosphamide, MMF or Rituximab should be considered.