पुरुष स्तंभन दोष
ICD-10 F52.2; N48.4 · ICD-11 HA01.1

पुरुष स्तंभन दोष जब इंट्राकेवर्नस इंजेक्शन थेरेपी से पर्याप्त इरेक्शन प्राप्त नहीं हुआ

उन पुरुष स्तंभन दोष के रोगियों के लिए जिन्होंने इंट्राकेवर्नस इंजेक्शन थेरेपी प्राप्त की है किन्तु संतोषजनक संभोग के लिए पर्याप्त कठोर इरेक्टाइल प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है, अगली पंक्ति का शल्य चिकित्सा दृष्टिकोण संकेतित उपाय बन जाता है।

पूर्व उपचार और विफलता की स्थिति

इस नैदानिक परिदृश्य में मरीजों को पहले इंट्राकेवर्नस इंजेक्शन थेरेपी मिली है — जिसमें एकल चिकित्सा के रूप में अल्प्रोस्टाडिल, ट्रिमिक्स (पैपावेरिन को फेंटोलामाइन और अल्प्रोस्टाडिल के साथ मिलाकर), या इन्विकॉर्प (वेसोएक्टिव इंटेस्टाइनल पेप्टाइड को फेंटोलामाइन मेसाइलेट के साथ मिलाकर) शामिल हैं — और निर्धारित लक्ष्य तक नहीं पहुँच पाए हैं: संतोषजनक संभोग के लिए पर्याप्त कठोर इरेक्टाइल प्रतिक्रिया की प्राप्ति।

अगली पंक्ति का दृष्टिकोण (आंशिक अवलोकन)

अगले चरण में एक शल्य प्रक्रिया शामिल है जिसमें एक इम्प्लांटेबल उपकरण लगाया जाता है। इम्प्लांट की दो मुख्य श्रेणियाँ उपलब्ध हैं। पूर्ण चयन मानदंड, शल्य संबंधी विचार और उपकरण विवरण पूर्ण प्रोटोकॉल में शामिल हैं।

उपचार का लक्ष्य

संतोषजनक संभोग के लिए पर्याप्त पेनाइल इरेक्शन की बहाली — विशेष रूप से, संभोग के लिए पर्याप्त कठोरता वाला इरेक्शन।

संरचित साक्ष्य-आधारित रेजिमेन तक तत्काल पहुँच

References

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