मेनियर्स रोग
ICD-10 H81.0 · ICD-11 AB31.0

इंट्राटाइम्पेनिक जेंटामाइसिन इंजेक्शन के बाद भी मेनियर्स रोग का वर्टिगो बना रहना

यह प्रोटोकॉल सक्रिय मेनियर्स रोग से ग्रस्त उन रोगियों के लिए है जिनके वर्टिगो के दौरे इंट्राटाइम्पेनिक जेंटामाइसिन इंजेक्शन के बाद पर्याप्त रूप से कम या नियंत्रित नहीं हुए। जब वह पूर्व चरण पर्याप्त नियंत्रण प्राप्त नहीं करता, तो एक अधिक निर्णायक अगली-पंक्ति हस्तक्षेप पर विचार किया जा सकता है।

पिछला उपचार — लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ

इंट्राटाइम्पेनिक जेंटामाइसिन इंजेक्शन पूर्ववर्ती उपचार चरण था। इसका अभीष्ट लक्ष्य मेनियर्स रोग के वर्टिगो के दौरों को कम करना या नियंत्रित करना था। उस लक्ष्य की अप्राप्ति ही इस प्रोटोकॉल में वृद्धि का कारण है।

अगली-पंक्ति दृष्टिकोण — आंशिक अवलोकन

अगले चरण में प्रभावित कान पर निर्देशित एक निर्णायक शल्य प्रक्रिया शामिल है, जो केवल उन रोगियों में लागू होती है जिनकी उस तरफ श्रवण शक्ति अनुपयोगी है। नैदानिक लक्ष्य वर्टिगो के दौरों का पूर्ण नियंत्रण या समाधान है। पूर्ण पात्रता मानदंड, प्रक्रियात्मक विवरण और संरचित उपचार पद्धति नीचे दिए गए लिंक के माध्यम से उपलब्ध है।

संरचित साक्ष्य-आधारित उपचार पद्धतियों तक तत्काल पहुँच

References

DOI: 10.1177/0194599820909438

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