एज़ोल-प्रतिरोधी Aspergillus fumigatus के कारण इनवेसिव पल्मोनरी एस्परजिलोसिस का उपचार
एज़ोल-प्रतिरोधी Aspergillus fumigatus के कारण होने वाला इनवेसिव पल्मोनरी एस्परजिलोसिस (IPA) एक अलग नैदानिक चुनौती प्रस्तुत करता है। एज़ोल एंटीफंगल के प्रति प्रतिरोध मानक प्रथम-पंक्ति विकल्प को समाप्त कर देता है, जिससे एक भिन्न चिकित्सीय रणनीति की आवश्यकता होती है।
नैदानिक परिदृश्य
पुष्टिकृत या संदिग्ध IPA जिसमें कारक जीव Aspergillus fumigatus है और एज़ोल प्रतिरोध सिद्ध या संदिग्ध है। इस परिस्थिति में मानक एज़ोल-आधारित चिकित्सा उचित नहीं है, और शुरुआत से ही एक वैकल्पिक दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है।
उपचार दृष्टिकोण — आंशिक सारांश
प्रबंधन के लिए एक गैर-एज़ोल एंटीफंगल रणनीति की आवश्यकता होती है। इस परिदृश्य के लिए एक विशिष्ट पॉलीन एंटीफंगल प्रथम-पंक्ति एजेंट के रूप में स्थापित है। एक संयोजन-आधारित विकल्प भी उपलब्ध है, हालाँकि एज़ोल-प्रतिरोधी IPA में इसकी नैदानिक प्रभावकारिता पूरी तरह से सिद्ध नहीं हुई है। संपूर्ण उपचार पद्धति विवरण — खुराक, अनुक्रम, और विकल्पों की पूरी श्रृंखला — संरचित प्रोटोकॉल में उपलब्ध हैं।
References
DOI: 10.1183/16000617.0114-2022
- Liposomal amphotericin B is a second-line therapy of IPA and the first-line therapy for azole-resistant IPA.
- This combination also represents a therapeutic option for the treatment of azole-resistant IPA (as an alternative to liposomal amphotericin B), but clinical efficacy in this setting is not demonstrated.