यह प्रोटोकॉल हाइपरमैग्नेसीमिया की उस विशेष स्थिति को संबोधित करता है जहाँ इंट्रावेनस सोडियम क्लोराइड 0.9% इन्फ्यूजन द्वारा गुर्दे के मैग्नीशियम उत्सर्जन को बढ़ावा देने की प्रथम-पंक्ति रणनीति आवश्यक मूत्र उत्पादन लक्ष्य प्राप्त नहीं कर पाई है।
पिछले चरण में गुर्दे के उत्सर्जन को बढ़ावा देकर सीरम मैग्नीशियम कम करने के लिए इंट्रावेनस सोडियम क्लोराइड 0.9% का उपयोग किया गया था, जिसका लक्ष्य प्रति घंटे कम से कम 60 mL मूत्र उत्पादन प्राप्त करना था। जब वह मूत्र उत्पादन लक्ष्य नहीं पहुँचा जा सके, तो इस अगले प्रोटोकॉल में वृद्धि का संकेत दिया जाता है।
जब सोडियम क्लोराइड इन्फ्यूजन अकेले पर्याप्त मूत्र उत्पादन प्राप्त नहीं कर सकता, तो गुर्दे के मैग्नीशियम उत्सर्जन को और बढ़ाने के लिए इसके साथ एक अतिरिक्त इंट्रावेनस एजेंट का उपयोग किया जाता है। संपूर्ण रेजीमेन नीचे संरचित प्रोटोकॉल में उपलब्ध है।
If this urine output can't be achieved, intravenous frusemide can be added.
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