ग्लाइकोजन भंडारण रोग टाइप I (GSD I) से पीड़ित रोगियों में अर्जित प्लेटलेट शिथिलता या वॉन विलेब्रांड रोग-सदृश दोष से उत्पन्न रक्तस्रावी प्रवणता विकसित हो सकती है। इस जमावट जटिलता के लिए समग्र देखभाल दृष्टिकोण के अंग के रूप में लक्षित हेमोस्टेटिक प्रबंधन की आवश्यकता होती है।
GSD I में, एक अर्जित जमावट दोष का वर्णन किया गया है जो लंबे रक्तस्राव समय, कम प्लेटलेट आसंजन और असामान्य प्लेटलेट एकत्रीकरण द्वारा चिह्नित होता है — जो एक ऐसी रक्तस्रावी प्रवणता उत्पन्न करता है जो नैदानिक रूप से वॉन विलेब्रांड रोग से मिलती-जुलती हो सकती है। यह प्लेटलेट शिथिलता श्लेष्मल या अन्य रक्तस्रावी जटिलताओं के रूप में प्रकट हो सकती है जिनके लिए विशिष्ट हस्तक्षेप आवश्यक है।
जब श्लेष्मल-संबंधित रक्तस्राव उपस्थित हो, तो हेमोस्टेटिक रणनीति के भाग के रूप में एक सहायक फाइब्रिनोलिटिक अवरोधक पर विचार किया जा सकता है। विशिष्ट संरचना, मार्ग और नैदानिक पथ रक्तस्राव की गंभीरता द्वारा निर्देशित होते हैं।
DOI: 10.1038/gim.2014.128
In GSD I, a coagulation defect attributed to acquired platelet dysfunction with prolonged bleeding times, decreased platelet adhesiveness, and abnormal aggregation has been described (Box 5).
In addition, the use of a fibrinolytic inhibitor, such as ε-aminocaproic acid (Amicar), can be used as an adjunctive medication if there is mucosal-associated bleeding.
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