दृष्टि-प्रभावी मोतियाबिंद के साथ फ्यूक्स एंडोथेलियल कॉर्नियल डिस्ट्रॉफी का उपचार

नैदानिक परिदृश्य

यह प्रोटोकॉल उन रोगियों में प्रारंभिक फ्यूक्स एंडोथेलियल कॉर्नियल डिस्ट्रॉफी (FECD) को कवर करता है जिनमें दृष्टि-प्रभावी मोतियाबिंद भी है। समझौता किए गए कॉर्नियल एंडोथेलियम और लेंस ओपेसिटी का एक साथ होना विशिष्ट शल्य चिकित्सा नियोजन संबंधी विचारों को जन्म देता है जो दोनों में से किसी एक स्थिति के अकेले प्रबंधन से अलग होते हैं।

दृष्टिकोण

एक चरणबद्ध शल्य चिकित्सा रणनीति की सिफारिश की जाती है — पहले मोतियाबिंद की सर्जरी की जाती है, जिसमें विशेष रूप से समझौता किए गए कॉर्नियल एंडोथेलियम की सुरक्षा के लिए चुनी गई तकनीकों का उपयोग किया जाता है, इससे पहले कि किसी अगली कॉर्नियल प्रक्रिया पर विचार किया जाए।

पूर्ण तकनीकी विवरण, अनुक्रमण मानदंड और चरण-दर-चरण मार्गदर्शन नीचे दिए गए संपूर्ण प्रोटोकॉल में उपलब्ध हैं।

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References

DOI: 10.1146/annurev-vision-091718-014852

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