फेमोरल शाफ्ट फ्रैक्चर का उपचार — शल्य स्थिरीकरण और मैलरोटेशन की रोकथाम
फेमोरल शाफ्ट फ्रैक्चर के लिए त्वरित शल्य प्रबंधन आवश्यक है। इसका महत्वपूर्ण द्वैत लक्ष्य ठोस अस्थि यूनियन प्राप्त करना और फेमोरल मैलरोटेशन को रोकना है — एक ऐसी जटिलता जो यदि ऑपरेशन के दौरान सक्रिय रूप से नियंत्रित न की जाए तो स्थायी कार्यात्मक कमी का कारण बन सकती है।
नैदानिक लक्ष्य
- फेमोरल शाफ्ट फ्रैक्चर यूनियन
- फेमोरल मैलरोटेशन की अनुपस्थिति
उपचार दृष्टिकोण
इंट्रामेडुलरी नेलिंग इस फ्रैक्चर के लिए प्राथमिक शल्य हस्तक्षेप है। सर्जरी का समय परिणाम का एक प्रमुख निर्धारक है — प्रारंभिक ऑपरेटिव प्रबंधन को दृढ़ता से प्राथमिकता दी जाती है। ऑपरेशन के दौरान फेमोरल रोटेशन का आकलन प्रक्रिया में एक अनिवार्य चरण है। वेनस थ्रोम्बोएम्बोलिज्म प्रोफिलैक्सिस को प्रबंधन योजना में शामिल किया गया है।