एवांस सिंड्रोम का प्रबंधन एक संरचित, साक्ष्य-आधारित उपचार पद्धति के माध्यम से किया जाता है। दृष्टिकोण का चुनाव नैदानिक संदर्भ और पिछली चिकित्सा के प्रति रोगी की प्रतिक्रिया पर निर्भर करता है।
उपचार में प्रतिरक्षादमनकारी दवा या, चुनिंदा मामलों में, शल्य चिकित्सा हस्तक्षेप शामिल हो सकता है। पूर्ण प्रोटोकॉल निर्दिष्ट करता है कि कौन सा विकल्प उपयुक्त है, किन नैदानिक परिस्थितियों में, और निर्णय कैसे लिया जाता है।
संपूर्ण उपचार विवरण — विशिष्ट औषधियाँ, चयन मानदंड, और नैदानिक अनुक्रम — पूर्ण संरचित प्रोटोकॉल में उपलब्ध हैं।