यह प्रोटोकॉल उन रोगियों पर लागू होता है जिन्हें प्रतिबंधात्मक कार्डियोमायोपैथी है और जो कार्डियक अरेस्ट से बच गए हैं, या जो हेमोडायनामिक अस्थिरता उत्पन्न करने वाली वेंट्रिकुलर अतालता से उबर चुके हैं — यह एक उच्च-जोखिम उपसमूह है जिसे अचानक कार्डियक मृत्यु के जोखिम को संबोधित करने के लिए विशिष्ट हस्तक्षेप की आवश्यकता है।
इस संदर्भ में प्रबंधन में एक प्रत्यारोपण योग्य उपकरण-आधारित हस्तक्षेप शामिल है जिसका उद्देश्य अचानक मृत्यु और सभी कारणों से होने वाली मृत्यु के जोखिम को कम करना है। संपूर्ण संरचित प्रोटोकॉल — सटीक संकेत मानदंड और प्रक्रियात्मक मार्गदर्शन सहित — नीचे दिए गए लिंक के माध्यम से उपलब्ध है।
DOI: 10.1093/eurheartj/ehad194
ICD implantation is recommended to reduce the risk of sudden death and all-cause mortality in patients with RCM who have survived a cardiac arrest or have recovered from a ventricular arrhythmia causing haemodynamic instability.
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