यह प्रोटोकॉल उन प्रारंभिक-शुरुआत डिस्टोनिया के रोगियों के प्रारंभिक प्रबंधन को संबोधित करता है जिनमें कोई वैकल्पिक अंतर्निहित निदान की पहचान नहीं की गई है — एक सुपरिभाषित नैदानिक स्थिति जिसके लिए साक्ष्य-आधारित दिशानिर्देशों द्वारा समर्थित एक विशिष्ट प्रथम-पंक्ति अनुशंसा उपलब्ध है।
वैकल्पिक निदान के बिना प्रारंभिक-शुरुआत डिस्टोनिया एक मान्यता प्राप्त नैदानिक प्रस्तुति है जिसमें आगे के निदानात्मक या चिकित्सीय वृद्धि से पहले एक मानकीकृत प्रथम चरण आवश्यक होता है। दिशानिर्देश स्पष्ट रूप से निर्धारित करते हैं कि इस रोगी समूह को एटियोलॉजी की परवाह किए बिना एक संरचित प्रारंभिक हस्तक्षेप की आवश्यकता है।
इस संदर्भ में लेवोडोपा चिकित्सीय परीक्षण अनुशंसित प्रारंभिक चरण है। पूर्ण प्रोटोकॉल — जिसमें प्रशासन का दृष्टिकोण, प्रतिक्रिया मूल्यांकन के मानदंड, और परिणाम के आधार पर आगे का मार्ग शामिल हैं — पूर्ण संरचित उपचार योजना में उपलब्ध है।
DOI: 10.1111/j.1468-1331.2010.03042.x
A diagnostic levodopa trial is warranted in every patient with early-onset dystonia without an alternative diagnosis (good practice point).
Hence, the practical recommendation still remains that every patient with early-onset dystonia without an alternative diagnosis should have a trial with levodopa.