D-penicillamine का उपयोग दवा-प्रेरित मायोपैथी का एक मान्यता प्राप्त कारण है। नैदानिक उद्देश्य एक संरचित औषधीय दृष्टिकोण के माध्यम से मांसपेशियों के लक्षणों का पूर्ण निवारण है।
D-penicillamine के उल्लेखनीय दुष्प्रभावों में पॉलीमायोसिटिस या डर्मेटोमायोसिटिस जैसी भड़काऊ मायोपैथी विकसित होने का जोखिम शामिल है। प्रबंधन रणनीति निर्धारित करने से पहले इस दवा-प्रेरित एटियोलॉजी की पहचान करना एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रबंधन में कॉर्टिकोस्टेरॉइड-आधारित रणनीति शामिल है। उपचार का लक्ष्य मांसपेशियों के लक्षणों का पूर्ण निवारण है। संपूर्ण संरचित उपचार पद्धति — निर्णय मानदंड और अनुक्रमण सहित — नीचे दिए गए लिंक के माध्यम से उपलब्ध है।
DOI: 10.3390/biomedicines12050987
The limitation of its usage is due, among other things, to the reported side effects, the notable ones being the risk of developing an inflammatory myopathy resembling polymyositis or dermatomyositis.
Most symptoms withdraw after treatment with corticosteroids.
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