जीवित बचे कार्डियक अरेस्ट के इतिहास वाली डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी का उपचार

यह प्रोटोकॉल डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी (DCM) के उन रोगियों के प्रबंधन को कवर करता है जो कार्डियक अरेस्ट से बचे हैं या जो हेमोडायनामिक अस्थिरता उत्पन्न करने वाली वेंट्रिकुलर अतालता से उबर चुके हैं — यह एक उच्च-जोखिम उप-समूह है जिसके लिए विशिष्ट साक्ष्य-आधारित मार्गदर्शन उपलब्ध है।

नैदानिक परिदृश्य

DCM वाले वे रोगी जिनका अचानक कार्डियक अरेस्ट से बचने का इतिहास है, या जो हेमोडायनामिक रूप से अस्थिर करने वाली वेंट्रिकुलर अतालता से उबर चुके हैं, उन्हें बार-बार जीवन-घातक घटनाओं का काफी बढ़ा हुआ जोखिम होता है। डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी की पृष्ठभूमि पर यह अतालता का इतिहास नीचे दिए गए संरचित दृष्टिकोण के लिए संकेत को परिभाषित करता है।

प्रबंधन दृष्टिकोण

इस स्थिति में साक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण में एक इम्प्लांटेबल कार्डियोवर्टर-आधारित हस्तक्षेप शामिल है। पूर्ण प्रोटोकॉल — जिसमें रोगी चयन मानदंड, प्रक्रियागत विचार और अनुवर्ती शामिल हैं — पूर्ण उपचार प्रणाली में उपलब्ध है।

References

An ICD is recommended to reduce the risk of sudden death and all-cause mortality in patients with DCM who have survived a cardiac arrest or have recovered from a ventricular arrhythmia causing haemodynamic instability.

DOI: 10.1093/eurheartj/ehad194

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