MYC और BCL-2 पुनर्व्यवस्था (डबल-हिट) या डार्क ज़ोन जीन-एक्सप्रेशन सिग्नेचर के साथ DLBCL का उपचार
डिफ्यूज़ लार्ज बी-सेल लिम्फोमा वाले ऐसे मरीज़ जिनमें एक साथ MYC और BCL-2 पुनर्व्यवस्थाएँ पाई जाती हैं — जिसे डबल-हिट लिम्फोमा कहते हैं — या जिन्हें डार्क ज़ोन जीन-एक्सप्रेशन सिग्नेचर द्वारा पहचाना जाता है, वे एक अलग, उच्च-जोखिम उपसमूह का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस आणविक प्रोफ़ाइल का प्रथम-पंक्ति उपचार चयन पर सीधा प्रभाव पड़ता है।
नैदानिक परिदृश्य
यह प्रोटोकॉल DLBCL के उन मरीज़ों पर लागू होता है जिनमें MYC पुनर्व्यवस्था और BCL-2 पुनर्व्यवस्था दोनों (डबल-हिट) हैं, या जिन्हें आणविक प्रोफ़ाइलिंग उपलब्ध होने पर डार्क ज़ोन जीन-एक्सप्रेशन सिग्नेचर द्वारा पहचाना जाता है। इस समूह में मानक-तीव्रता की प्रथम-पंक्ति थेरेपी पसंदीदा दृष्टिकोण नहीं है।
उपचार दृष्टिकोण
वर्तमान साक्ष्य मानक प्रथम-पंक्ति DLBCL थेरेपी के बजाय अधिक गहन कीमोथेरेपी रेजिमेन की ओर बढ़ने का समर्थन करते हैं। पूर्ण प्रोटोकॉल यह निर्दिष्ट करता है कि कौन सा गहन रेजिमेन उपयुक्त है और किन परिस्थितियों में।
पूर्ण रेजिमेन विवरण — घटक, चक्र संरचना, अनुक्रमण मानदंड — पूर्ण संरचित प्रोटोकॉल में उपलब्ध हैं।
References
DOI: 10.1038/s41408-026-01458-2
- Those with Myc and BCL-2 rearrangements, as well as those identified by the "dark zone" signature (if this analysis can be performed), should receive a more intensive regimen such as DA-R-EPOCH for 6 cycles (Fig. 1).
- In these patients, administration of a more intensive regimen such as DA-R-EPOCH or CODOX-M/IVAC-R is preferred.
- These patients are commonly treated with more intensive regimens such as dose adjusted (DA) R-EPOCH (rituximab, etoposide, prednisone, vincristine, cyclophosphamide, and doxorubicin) or Burkitt-like regimen like CODOX-M/R-IVAC (cyclophosphamide, doxorubicin, methotrexate, ifosfamide, etoposide, cytarabine and rituximab).
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