टाइप 1 मधुमेह से पीड़ित वे वयस्क जो पहले से इंसुलिन पंप थेरेपी पर हैं, लेकिन ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन (A1C) में लक्षित सुधार प्राप्त नहीं कर पाए हैं, उन्हें उपचार रणनीति में वृद्धि की आवश्यकता हो सकती है — विशेष रूप से जब रात्रिकालीन हाइपोग्लाइसीमिया एक महत्वपूर्ण चिंता बनी रहती है।
निरंतर चमड़े के नीचे इंसुलिन इन्फ्यूजन (CSII; इंसुलिन पंप थेरेपी), जो निरंतर ग्लूकोज निगरानी (CGM) के साथ या बिना उपयोग की गई, उपचार की पूर्व पंक्ति थी। अपेक्षित नैदानिक लक्ष्य — A1C में सुधार — प्राप्त नहीं हुआ, जो अधिक उन्नत दृष्टिकोण की ओर बढ़ने की आवश्यकता को दर्शाता है।
अगला कदम सेंसर-संवर्धित पंप थेरेपी के एक रूप पर केंद्रित है जिसमें अत्यंत कम ग्लूकोज स्तरों के लिए एक स्वचालित सुरक्षात्मक कार्य शामिल है। पूर्ण प्रोटोकॉल निर्दिष्ट करता है कि इस दृष्टिकोण को कैसे कॉन्फ़िगर और लागू किया जाता है — विवरण के लिए पूर्ण उपचार योजना देखें।
रात्रिकालीन हाइपोग्लाइसीमिया में कमी।
DOI: 10.1016/j.jcjd.2017.10.012