यह प्रोटोकॉल उन रोगियों के लिए है जिन्हें क्रोनिक लिवर रोग और पोर्टल हाइपरटेंशन के साथ हेपेटोपल्मोनरी सिंड्रोम (HPS) विकसित हुआ है और धमनी हाइपोक्सीमिया की स्थिति है — विशेष रूप से धमनी PaO₂ 60 mmHg से कम।
हेपेटोपल्मोनरी सिंड्रोम एक गंभीर फुफ्फुसीय जटिलता है जो पोर्टल हाइपरटेंशन के साथ क्रोनिक लिवर रोग की पृष्ठभूमि में उत्पन्न होती है। जब ऑक्सीजनेशन PaO₂ 60 mmHg से नीचे गिर जाता है, तो नैदानिक आपातकालीनता काफी बढ़ जाती है और विशिष्ट मूल्यांकन एवं प्रबंधन निर्णयों की आवश्यकता होती है।
इन मानदंडों को पूरा करने वाले रोगियों के लिए, प्रबंधन एक विशिष्ट शल्य चिकित्सा हस्तक्षेप पर केंद्रित है — यह एकमात्र तरीका है जो इस स्थिति में HPS के लिए प्रभावी सिद्ध हुआ है।
DOI: 10.1016/j.jhep.2018.03.024
Patients with HPS and PaO₂ <60 mmHg should be evaluated for LT since it is the only treatment for HPS that has been proven to be effective to date (II-2;1).
View source ↗