जब क्रोनिक हेपेटाइटिस सी से पीड़ित वयस्कों में सोफोसबुविर-आधारित रेजिमेन उपचार लक्ष्य प्राप्त करने में विफल हो जाता है — चाहे प्रतिपूरक सिरोसिस मौजूद हो या नहीं — एक विशिष्ट पुनः उपचार रणनीति अपनाई जाती है। इस परिदृश्य में प्रारंभिक चिकित्सा से भिन्न दृष्टिकोण आवश्यक है।
क्रोनिक हेपेटाइटिस सी संक्रमण वाले वयस्क — सिरोसिस रहित या प्रतिपूरक सिरोसिस सहित — जिनमें पूर्व सोफोसबुविर-आधारित रेजिमेन से निरंतर विषाणु-विज्ञानी प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई।
चिकित्सा पूर्ण होने के 12 सप्ताह बाद निरंतर विषाणु-विज्ञानी प्रतिक्रिया (SVR12) — पुष्टि की गई अनिर्धारणीय एचसीवी आरएनए।
पुनः उपचार एक पैनजीनोटाइपिक संयोजन एंटीवायरल रेजिमेन पर केंद्रित है। विशिष्ट संशोधन और वैकल्पिक विकल्प वायरल जीनोटाइप और प्रतिपूरक सिरोसिस की उपस्थिति पर निर्भर करते हैं — पूर्ण प्रोटोकॉल यह विवरण देता है कि कौन सा रेजिमेन किन परिस्थितियों में लागू होता है।
DOI: 10.1093/cid/ciad319