प्रमुख शल्य चिकित्सा तनाव में केंद्रीय अधिवृक्क अपर्याप्तता का उपचार
प्रमुख शल्य चिकित्सा नैदानिक अभ्यास में सामने आने वाले सर्वोच्च शारीरिक तनाव भारों में से एक का प्रतिनिधित्व करती है। अधिवृक्क अपर्याप्तता वाले रोगी में, इस तनाव के दौरान पर्याप्त अंतर्जात कोर्टिसोल प्रतिक्रिया उत्पन्न करने में असमर्थता के लिए तत्काल, संरचित अंतःशिरा ग्लूकोकोर्टिकोइड कवरेज की आवश्यकता होती है।
नैदानिक परिदृश्य: ज्ञात अधिवृक्क अपर्याप्तता वाला एक रोगी प्रमुख शल्य चिकित्सा से गुजर रहा है। ऑपरेटिव तनाव मानक रखरखाव खुराक से कहीं अधिक है, जिससे विशिष्ट पेरिऑपरेटिव हस्तक्षेप के बिना रोगी को अधिवृक्क संकट का खतरा है।
दृष्टिकोण: इस सेटिंग में अंतःशिरा हाइड्रोकोर्टिसोन अनुशंसित एजेंट है। प्रबंधन में प्रारंभिक बोलस इंजेक्शन के बाद निरंतर अंतःशिरा कवरेज शामिल है — सटीक खुराक रणनीति, इन्फ्यूजन शेड्यूल, और वैकल्पिक प्रशासन विकल्प पूर्ण संरचित प्रोटोकॉल में निर्दिष्ट हैं।
References
DOI: 10.1210/jc.2016-2118
In cases of major surgical stress, we suggest a 100-mg HC per iv injection followed by a continuous iv infusion of 200 mg HC per 24 hours (alternatively 50 mg every 6 hours iv or im).
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