ब्रुगाडा सिंड्रोम के वे रोगी जो रुके हुए कार्डियक अरेस्ट से बचे हैं, या जिनमें दस्तावेजीकृत स्वतःस्फूर्त सतत वेंट्रिकुलर टैकीकार्डिया है, एक विशिष्ट उच्च-जोखिम समूह बनाते हैं जिन्हें एक विशेष, संरचित नैदानिक दृष्टिकोण की आवश्यकता है।
यह प्रोटोकॉल दो सुपरिभाषित स्थितियों में ब्रुगाडा सिंड्रोम पर लागू होता है: रुके हुए कार्डियक अरेस्ट से बचना और/या दस्तावेजीकृत स्वतःस्फूर्त सतत वेंट्रिकुलर टैकीकार्डिया की उपस्थिति। दिशानिर्देश इस जनसंख्या में उपकरण-आधारित चिकित्सा को एक केंद्रीय अनुशंसा के रूप में पहचानते हैं।
एंटीअरिदमिक एजेंट इस सेटिंग में विचार की जाने वाली प्रबंधन रणनीति का हिस्सा है — विशेष रूप से विशिष्ट नैदानिक परिस्थितियों में जहां उपकरण-आधारित चिकित्सा चुना गया मार्ग नहीं है।
DOI: 10.1093/eurheartj/ehac262
ICD implantation is recommended in patients with BrS who: (a) Are survivors of an aborted CA and/or (b) Have documented spontaneous sustained VT.
Quinidine should be considered in patients with BrS who qualify for an ICD but have a contraindication, decline, or have recurrent ICD shocks.
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