रजोनिवृत्ति के जेनिटोयूरिनरी सिंड्रोम (GSM) से पीड़ित रोगी जो पहले से ही प्रणालीगत एस्ट्रोजन थेरेपी प्राप्त कर रहे हैं, उन्हें अभी भी स्थानीय जेनिटोयूरिनरी लक्षण बने रह सकते हैं। इस नैदानिक परिदृश्य में केवल प्रणालीगत उपचार से परे एक विशिष्ट प्रबंधन कदम की आवश्यकता होती है।
रजोनिवृत्ति का जेनिटोयूरिनरी सिंड्रोम (GSM) जिसमें प्रणालीगत एस्ट्रोजन थेरेपी प्राप्त कर रहे रोगी में स्थानीय एट्रोफिक लक्षण बने रहते हैं — एक ऐसी स्थिति जहाँ अकेले प्रणालीगत थेरेपी स्थानीय जेनिटोयूरिनरी आवश्यकताओं को पूरी तरह संबोधित नहीं करती।
प्रोटोकॉल यह बताता है कि मौजूदा प्रणालीगत एस्ट्रोजन थेरेपी के साथ क्या जोड़ा जाए। एक समवर्ती स्थानीय रूप से निर्देशित योनि हस्तक्षेप पर विचार किया जाता है — संपूर्ण विकल्प, मार्गदर्शन और अनुक्रम पूर्ण संरचित प्रोटोकॉल में विस्तृत हैं।
DOI: 10.1097/JU.0000000000004589
In patients with GSM who are on systemic estrogen therapy, clinicians should offer the option of local low-dose vaginal estrogen or vaginal dehydroepiandrosterone (DHEA).
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