जब Asherman's Syndrome के लिए प्रारंभिक हिस्टेरोस्कोपिक एडहेशियोलिसिस गर्भाशय गुहा को पुनर्स्थापित करने में विफल रहता है

अंतर्गर्भाशयी आसंजन हमेशा हिस्टेरोस्कोपिक लिसिस के पहले प्रयास के बाद पूरी तरह समाप्त नहीं होते। जब प्रत्यक्ष दृष्टि के अंतर्गत की गई प्रारंभिक शल्य प्रक्रिया अपने नैदानिक उद्देश्यों को प्राप्त नहीं करती, तो एक निर्धारित अगली पंक्ति की कार्य-योजना उपलब्ध है।

पिछला उपचार और यह अपर्याप्त क्यों था

पिछली पंक्ति — प्रत्यक्ष दृष्टि के अंतर्गत यांत्रिक उपकरणों (जैसे कैंची या नीडल डिवीजन) द्वारा, अथवा विद्युत-शल्य चिकित्सा या लेज़र उपकरणों से हिस्टेरोस्कोपिक आसंजन लिसिस — एंडोमेट्रियल गुहा और ग्रीवा नलिका के सामान्य आयतन एवं आकार की पुनर्स्थापना, या सामान्य मासिक प्रवाह की पुनः शुरुआत को प्राप्त नहीं कर सकी।

अगली पंक्ति का दृष्टिकोण

इस चरण में उन्नत तकनीकों में विशेषज्ञ-स्तरीय दक्षता वाले हिस्टेरोस्कोपिस्ट द्वारा हिस्टेरोस्कोपिक एडहेशियोलिसिस कराई जाती है, जिसमें विशिष्ट सहायक प्रक्रियात्मक मार्गदर्शन का समर्थन होता है — संपूर्ण संरचित उपचार योजना नीचे दिए गए लिंक के माध्यम से उपलब्ध है।

संरचित साक्ष्य-आधारित उपचार योजनाओं तक तत्काल पहुँच

References

DOI: 10.1016/j.jmig.2016.11.008

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