गर्भावस्था के दौरान निदानित एड्रेनोकॉर्टिकल कार्सिनोमा का उपचार

जब गर्भावस्था के दौरान एड्रेनोकॉर्टिकल कार्सिनोमा (ACC) के रूप में संदिग्ध एड्रेनल द्रव्यमान की पहचान होती है, तो नैदानिक स्थिति के लिए त्वरित, संरचित निर्णय लेने की आवश्यकता होती है जो ऑन्कोलॉजिकल तात्कालिकता और रोगी की गर्भावस्था की स्थिति दोनों को ध्यान में रखे।

नैदानिक परिदृश्य एक गर्भवती रोगी में एड्रेनोकॉर्टिकल कार्सिनोमा के रूप में संदिग्ध एड्रेनल द्रव्यमान का निदान किया गया है। गर्भावस्था की तिमाही समय पर हस्तक्षेप की आवश्यकता को स्थगित नहीं करती, और ACC में उपयोग किए जाने वाले कुछ प्रणालीगत उपचार विकल्पों पर इस संदर्भ में विशिष्ट प्रतिबंध लागू होते हैं।

दृष्टिकोण का सारांश

इस परिदृश्य में प्रबंधन की आधारशिला एड्रेनल ट्यूमर का शल्य उच्छेदन है। ACC में अन्यथा विचार किए जाने वाले प्रणालीगत औषधीय विकल्पों की गर्भावस्था के दौरान महत्वपूर्ण सीमाएँ होती हैं — पूर्ण प्रोटोकॉल निर्दिष्ट करता है कि कौन से विपरीत-संकेतित हैं और उपचार मार्ग को इसके आसपास कैसे संरचित किया गया है।

References

When an adrenal mass suspected to be an ACC is diagnosed during pregnancy, we recommend prompt surgical resection regardless of pregnancy trimester.

We recommend avoiding pregnancy while being on mitotane treatment.

DOI: 10.1530/EJE-18-0608

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