सिरोसिस में तीव्र पोर्टल शिरा घनास्त्रता जब एंटीकोएगुलेशन से पुनर्कनालीकरण प्राप्त न हुआ हो

यह प्रोटोकॉल सिरोसिस के उन रोगियों में तीव्र पोर्टल शिरा घनास्त्रता (PVT) को संबोधित करता है जिन्हें पहले से एंटीकोएगुलेशन थेरेपी दी जा चुकी है, परंतु पोर्टल शिरा पुनर्कनालीकरण प्राप्त नहीं हुआ है — यही अगले उपचार चरण में आगे बढ़ने की निर्धारित सीमा है।

नैदानिक परिदृश्य: सिरोसिस की स्थिति में तीव्र PVT। सिरोसिस के उन रोगियों में जो संभावित लिवर ट्रांसप्लांट उम्मीदवार हैं, PVT का प्रबंधन ट्रांसप्लांट की संभाव्यता और परिणामों पर सीधा प्रभाव डालता है, जिससे उपचार रणनीति का चुनाव विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है।
पिछला उपचार अपर्याप्त क्यों था: प्रथम-पंक्ति एंटीकोएगुलेशन — लो-मॉलिक्यूलर-वेट हेपेरिन या विटामिन K एंटागोनिस्ट (लिवर की कार्यात्मक क्षमता के आधार पर चयनित रोगियों में डायरेक्ट ओरल एंटीकोएगुलेंट्स लागू) — पोर्टल शिरा पुनर्कनालीकरण के उपचार लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सका। इस लक्ष्य तक न पहुँचना ही इस प्रोटोकॉल में आगे बढ़ने का मापदंड है।
अगला-कदम दृष्टिकोण (आंशिक अवलोकन)

जब अकेले एंटीकोएगुलेशन से पोर्टल शिरा का पुनर्कनालीकरण नहीं हुआ हो, तो अगले कदम के रूप में एक इंटरवेंशनल पोर्टोसिस्टेमिक शंटिंग प्रक्रिया पर विचार किया जा सकता है। संपूर्ण प्रोटोकॉल — रोगी चयन मापदंड, विपरीत संकेत और पूर्ण साक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण सहित — नीचे दिए गए लिंक के माध्यम से उपलब्ध है।

संरचित साक्ष्य-आधारित नियमों तक तत्काल पहुँच

References

DOI: 10.1016/j.jhep.2025.08.001

View source ↗