यह प्रोटोकॉल उन तीव्र पेरीकार्डिटिस के रोगियों पर लागू होता है जिनके लक्षण प्रथम-पंक्ति सूजनरोधी उपचार से ठीक नहीं हुए हैं। जब एस्पिरिन या NSAID प्लस कोल्चिसिन की प्रारंभिक योजना क्लिनिकल रेमिशन प्राप्त करने में विफल रहती है, तो एक संरचित वृद्धिशील दृष्टिकोण अपनाना उचित है।
पूर्व उपचार में एस्पिरिन या NSAID (इबुप्रोफेन या इंडोमेथासिन) प्लस कोल्चिसिन के साथ गैस्ट्रोप्रोटेक्शन शामिल था। आवश्यक लक्ष्य — पेरीकार्डिटिस के लक्षणों (सीने में दर्द) का पूर्ण समाधान और C-reactive protein का सामान्यीकरण — प्राप्त नहीं हुआ, जिससे इस प्रोटोकॉल पर वृद्धि आवश्यक हो गई।
यह प्रोटोकॉल कॉर्टिकोस्टेरॉइड-आधारित उपचार को अगले चरण के रूप में प्रस्तुत करता है जब एस्पिरिन/NSAID प्लस कोल्चिसिन अपर्याप्त हो। पूरी योजना — जिसमें एजेंट, खुराक रणनीति, टेपरिंग और संयोजन विकल्प शामिल हैं — नीचे दिए गए लिंक के माध्यम से उपलब्ध है।
क्लिनिकल रेमिशन: पेरीकार्डिटिस के लक्षणों (सीने में दर्द) का पूर्ण समाधान और C-reactive protein का सामान्यीकरण।
DOI: 10.1093/eurheartj/ehaf192
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