तीव्र माइट्रल रिगर्जिटेशन
ICD-10 I34.0 · ICD-11 BB61.1

गंभीर प्राथमिक माइट्रल रिगर्जिटेशन में तीव्र माइट्रल रिगर्जिटेशन का उपचार

यह प्रोटोकॉल गंभीर प्राथमिक माइट्रल रिगर्जिटेशन (PMR) की स्थिति में उत्पन्न होने वाले तीव्र माइट्रल रिगर्जिटेशन को संबोधित करता है — एक संरचनात्मक रूप से संचालित वाल्वुलर रोग जिसके लिए उचित हस्तक्षेप निर्धारित करने हेतु सावधानीपूर्वक रोगी चयन की आवश्यकता होती है।

मुख्य नैदानिक भेद माइट्रल रिगर्जिटेशन की गंभीरता और प्राथमिक (अपक्षयी या संरचनात्मक) उत्पत्ति है। प्रबंधन निर्णय लक्षण स्थिति, शारीरिक उपयुक्तता और अनुमानित शल्य जोखिम पर निर्भर करते हैं — ये कारक मिलकर हस्तक्षेप की पसंद का मार्गदर्शन करते हैं।

गंभीर प्राथमिक माइट्रल रिगर्जिटेशन वाले रोगसूचक रोगियों में जो शारीरिक रूप से उपयुक्त हैं और उच्च शल्य जोखिम रखते हैं, वाल्व मरम्मत के लिए कैथेटर-आधारित ट्रांसकैथेटर दृष्टिकोण बहु-विषयक हार्ट टीम द्वारा विचार किए जाने वाले हस्तक्षेपों में से एक है।

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References

DOI: 10.1093/eurheartj/ehaf194

Surgical MV repair is recommended in low-risk asymptomatic patients with severe PMR without LV dysfunction (LVESD <40 mm, LVESDi <20 mm/m², and LVEF >60%) when a durable result is likely, if at least three of the following criteria are fulfilled.

TEER should be considered in symptomatic patients with severe PMR who are anatomically suitable and at high surgical risk according to the Heart Team.

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