तीव्र ब्रोंकियोलाइटिस से पीड़ित शिशुओं में, श्वसन संकट या बीमारी की गंभीरता मुंह से पर्याप्त तरल पदार्थ लेने से रोक सकती है। जब मौखिक जलयोजन बनाए नहीं रखा जा सकता, तो तीव्र रोग के दौरान शिशु की जलयोजन स्थिति सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष नैदानिक दृष्टिकोण आवश्यक है।
यह प्रोटोकॉल तीव्र ब्रोंकियोलाइटिस के पुष्टि किए गए निदान वाले उन शिशुओं पर लागू होता है जो मौखिक सेवन के माध्यम से पर्याप्त जलयोजन बनाए रखने में असमर्थ हैं। इस असमर्थता को पहचानना पूर्ण प्रोटोकॉल में वर्णित हस्तक्षेप के लिए प्रमुख नैदानिक संकेत है।
जब मौखिक तरल सेवन अपर्याप्त साबित होता है, तो मानक दृष्टिकोण में गैर-मौखिक मार्ग से तरल पदार्थ देना शामिल है। पूर्ण प्रोटोकॉल यह निर्दिष्ट करता है कि कौन सा मार्ग उपयुक्त है और हस्तक्षेप को कैसे संरचित और निगरानी किया जाना चाहिए।
इस हस्तक्षेप का प्राथमिक उद्देश्य तीव्र ब्रोंकियोलाइटिस के प्रकरण की अवधि के दौरान शिशु में पर्याप्त जलयोजन का रखरखाव है।
DOI: 10.1542/peds.2014-2742
Clinicians should administer nasogastric or intravenous fluids for infants with a diagnosis of bronchiolitis who cannot maintain hydration orally (Evidence Quality: X; Recommendation Strength: Strong Recommendation).
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