जब कोर तापमान 32–35 °C हो और रोगी सचेत एवं कंपकंपी में हो तब हल्के आकस्मिक हाइपोथर्मिया का उपचार

नैदानिक परिदृश्य

यह प्रोटोकॉल हल्के आकस्मिक हाइपोथर्मिया पर लागू होता है — एक मापा गया कोर शरीर तापमान 32 °C और 35 °C के बीच — उस रोगी में जो सचेत (सतर्क) है और सक्रिय रूप से कंपकंपी में है। रोगी की संरक्षित मानसिक स्थिति और अक्षुण्ण कंपकंपी प्रतिवर्त प्रस्तुति के इस चरण को परिभाषित करते हैं।

उपचार दृष्टिकोण (आंशिक अवलोकन)

इस तापमान सीमा पर प्रबंधन में देखभाल की नींव के रूप में निष्क्रिय और सक्रिय बाह्य पुनःतापन शामिल है। पूर्ण प्रोटोकॉल इस चरण में संकेतित पुनःतापन विधियों के विशिष्ट संयोजन को परिभाषित करता है — मौखिक सेवन की भूमिका सहित — और कैसे रोगी की अपनी फिजियोलॉजी का उपयोग पुनःप्राप्ति को तेज करने के लिए किया जा सकता है। पूर्ण अनुक्रम नीचे संरचित आहार-योजना में उपलब्ध है।

नैदानिक लक्ष्य: नॉर्मोथर्मिया की पुनःस्थापना — एक कोर तापमान जो लगभग 37 °C पर वापस आता है।

संरचित साक्ष्य-आधारित आहार-योजनाओं तक तत्काल पहुँच

References

DOI: 10.3390/ijerph19010501

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