उदर क्षय रोग जब मानक प्रतिक्षयरोधी चिकित्सा ने पर्याप्त प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं की है
मानक प्रतिक्षयरोधी चिकित्सा उदर क्षय रोग के प्रत्येक रोगी में अपेक्षित नैदानिक प्रतिक्रिया नहीं उत्पन्न करती। जब 4–6 सप्ताह में साप्ताहिक निगरानी अपर्याप्त सुधार दर्शाती है, तो नैदानिक उन्नयन आवश्यक है — विशेष रूप से आवर्तक रोग, संदिग्ध दवा प्रतिरोध, या गंभीर बीमारी में।
पूर्व उपचार योजना & विफलता मानदंड
पूर्व उपचार: प्रतिक्षयरोधी चिकित्सा का पूर्ण कोर्स — चार दवाओं (रिफैम्पिसिन, आइसोनियाजिड, एथंबुटोल, पायराजिनामाइड) की 2-माह की गहन अवस्था, उसके बाद दो दवाओं (रिफैम्पिसिन और आइसोनियाजिड) की 4-माह की निरंतरता अवस्था।
- लक्ष्य जो प्राप्त नहीं हुए (उन्नयन ट्रिगर):
- लक्षणों का निवारण
- वजन में वृद्धि
- हीमोग्लोबिन में सुधार
- C-प्रतिक्रियाशील प्रोटीन (CRP) स्तरों में कमी
अगली पंक्ति का दृष्टिकोण
आवर्तक रोग, दवा प्रतिरोध, या गंभीर बीमारी के मामलों में, निरंतरता-अवस्था की उपचार योजना संशोधित की जाती है — पूर्ण प्रोटोकॉल निर्दिष्ट करता है कि कौन से समायोजन लागू होते हैं और किन परिस्थितियों में। पूर्ण संरचित उपचार योजना नीचे दिए गए लिंक के माध्यम से उपलब्ध है।
References
In cases of recurrent disease, drug resistance, or serious illness — Continue ethambutol
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